विधायक के अनुरोध पर अनाथ बच्चों की मदद को आगे आये समाजसेवी, मिलेंगी सारी सुविधाएॅं


आयुष जैन महमूदाबाद।
अभी वह पैदा ही हुई थी कि उसकी मां का निधन हो गया उसने पिता का चेहरा भी ठीक से पहचानना नहीं शुरू किया था कि करीब एक वर्ष बाद पिता का भी निधन हो गया। बचपन में ही मां की ममता और पिता के प्यार को खो देने वाले दो भाईयों के साथ एक बहन का चाचा ने कुछ सालों तक पाला पोषा। बहुत जलालत के बाद तीनों को दो वक्त का खाना नसीब होता था। किन्तु कुछ दिनों पूर्व चाचा ने भी उनको बोझ मानकर घर से निकाल दिया। दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर तीनों अनाथों की दर्दनाक कहानी को मीडिया में जबरदस्त रिस्पांस मिला। जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक नरेन्द्र सिंह वर्मा ने मदद को हाथ आगे बढाये। फिलहाल बच्चों को जिला प्रशासन द्वारा राजकीय संरक्षण गृह सीतापुर में सुरक्षित कर दिया गया।


महमूदाबाद ब्लाक व कोतवाली क्षेत्र के रमद्वारी द्वितीय के प्रधान इंद्रकेश ने 5 अक्टूबर को उपजिलाधिकारी को दिए गए पत्र देकर गांव के तीन अनाथ बच्चों पर निगरानी व उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। प्रधान ने प्रार्थना पत्र में गांव के स्व. राम प्रसाद पुत्र सरजू की सात वर्षीया बेटी संध्या, आठ वर्षीय बेटा विमलेश व ग्यारह वर्षीय विपिन को पूरी तरह अनाथ होना बताते हुए उन्हें सरकारी संरक्षण दिए जाने की मांग करते हुए कहा था कि उक्त बच्चों की मां का निधन पिता की मौत के पूर्व हो चुकी है। बच्चों को अपनी मां का नाम व ननिहाल आदि का भी पता नही है। अब तक बच्चों को उनके चाचा आदि ने किसी प्रकार पाला है। अब बच्चों के पिता राम प्रसाद ने अपनी एक बीघा भूमि पर महमूदाबाद की ग्राम विकास बैंक से वर्ष 2009 में लिए गए 25 हजार के ऋण की अदायगी व्याज सहित 74 हजार की नोटिस मिल गई है। जिसके चलते बच्चों के चाचा ने भी बच्चों से पल्ला झाड़ लिया। इससे बच्चों का भविष्य और भी अंधकारमय हो गया। अनाथ बच्चों ने स्कूल में मिलने वाले एमडीएम के सहारे दिन तो दूसरों के घर काम करके रात में पेट भरने को विवश थे। बच्चों की इस स्थित को देखते हुए गांव के सत्येंद्र कुमार मौर्य की सलाह पर बच्चों को उपजिलाधिकारी व कोतवाली लाया गया। कोतवाल रंजना सचान ने तीनों बच्चों को अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सीतापुर भेज दिया है।


मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नरेन्द्र सिंह वर्मा ने मदद को हाथ आगे बढाये। आगरा में अधिवेशन में होने के कारण उन्होने अपने मित्र सीतापुर निवासी समाजसेवी नीरज जैन से मदद का अनुरोध किया। पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक के अनुरोध को स्वीकारते हुए नीरज जैन ने बच्चों के सम्पूर्ण संरक्षण की जिम्मेदारी अपने सर पर ली। क्षेत्रीय विधायक नरेन्द्र सिंह वर्मा इस सम्बंध में बताया कि मामले की जानकारी मिली जिसके बाद मैंने सीतापुर निवासी मेरे मित्र समाजसेवी नीरज जैन से वार्ता की। जो कि बच्चों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें। जब तक वह बच्चे सीतापुर में रहेंगें तब तक उनका पूरा खर्च नीरज जैन द्वारा उठाया जायेगा। वह बच्चों को ऊनी वस्त्र, पढ़ाई लिखाई हेतु सामग्री, वस्त्र, खाना सहित बेहतर सुविधाएॅं प्रदान की जायेगी। उन्होने बताया कि मैं इस समय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु आगरा में हूंॅं शनिवार को महमूदाबाद पहुॅंचकर बच्चों के प्रति जो भी आवश्यक कदम होंगे वह उठायें जायेंगें। समाजसेवी नीरज जैन ने बताया कि बच्चों की जानकारी नरेन्द्र सिंह वर्मा के माध्यम से मिली। शुक्रवार को मैं बच्चों से मिलूंगा और उन्हें आवश्यक सामग्री वितरित की जायेगी। साथ ही उनकी पूरी सुविधाओं का ख्याल रखा जायेगा। जब तक बच्चे सीतापुर में हैं उनका पूर्ण संरक्षण की जिम्मेदारी मेरी रहेगी।



डा. अम्मार रिजवी का दबदबा, जानिए भाषण की प्रमुख बड़ी बातें


आयुष जैन महमूदाबाद, सीतापुर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डा. अम्मार रिजवी ने अपना दबदबा कायम करते हुए एक कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि प्रदेश की कबीना मंत्री प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी से महमूदाबाद के लिए कई मांगे की। उन्होने एक बार मंच से जिले का मुद्दा हल्के स्वर में उठाया। डा. अम्मार रिजवी महमूदाबाद के जवाहर लाल नेहरू पालीटेक्निक में के दीक्षांत समारोह में बतौर कार्यक्रमाध्यक्ष सम्बोधित कर रहे थे। चूंकि संस्था के अध्यक्ष होने के नाते उन्होने सम्बोधन रखते हुए पालीटेक्निक के स्थापना के सफर को बताया।


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उन्होने कहा कि ‘‘आपके पिता स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा ने इस पालीटेक्निक को स्वीकृति दी थी। इस पालीटेक्निक का सफर काफी लम्बा रहा है। सन् 1973 में रायबरेली और कुशीनगर में पालीटेक्निक बनाने की बात आई। मैने कहा कि महमूदाबाद अत्यंत पिछड़ा इलाका है। यहां भी इस पालीटेक्निक होना चाहिए। क्षेत्र के लोगो को तकनीकी शिक्षा और सहयोग मिले इसके लिए मैने तत्कालीन मुख्यमंत्री के सामने इस प्रस्ताव को रखा और उन्होने इस प्रस्ताव को मंजूर किया। और यह पालीटेक्निक 1975 में क्षेत्र को मिला। सिंचाई विभाग के मात्र एक टीन शेड के नीचे शुरू हुआ पालीटेक्निक आज 35 एकड़ में फैला हुआ है।


उन्होने आगे कहा कि महमूदाबाद को तहसील का दर्जा भी आपके पिता स्व0 हेमवती नंदन बहुगुणा ने ही दिया। उन्होने मुख्य अतिथि से कहा कि अगर आपने चाहा तो जिला मुख्यालय का दर्जा महमूदाबाद को मिलेगा।
डा. रिजवी ने कहा कि स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को आज वह सम्मान नहीं मिला जिसके वह योग्य थे। ऐसा कुछ नहीं मिला जिसको वह डेजर्व करते थे। उन्होने अपने सम्बोधन के दौरान रीता बहुगुणा जोशी से निम्न बिन्दुओं के बारे में मांगे की।


- उन्होने कहा कि महमूदाबाद-सीतापुर वाया बिसवां मार्ग का नामकरण स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम पर किया जाये। इसके लिए शासन से प्रस्ताव लेकर वहां एक बड़ा पत्थर लगवाकर उसका उद्घाटन आपके हाथों हो।
- उन्होने कहा कि पालीटेक्निक के पास अपना आडीटोरियम नहीं है। संस्था को एक आडीटोरियम स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम शासन की ओर से बनवाया जाये।
- पालीटेक्निक में छात्रों के लिए चार लैब की मांग पर डा. अम्मार रिजवी ने कहा कि यह लैब शीघ्र ही संस्था में बनवा दी जायेंगी।

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इसके अतिरिक्त डा. अम्मार रिजवी ने कहा कि आज की राजनीति और स्व. बहुगुणा जी की राजनीति के समय में बहुत बड़ा फर्क आया है। स्व. बहुगुणा जी कहा करते थे कि यदि प्रदेश का मुख्यमंत्री एक दिन में 267 रू0 खर्च करेगा तो यह प्रदेश कंगाल हो जायेगा। और आजकल के मुख्यमंत्री एक दिन में लाखों खर्च कर रहे हैं। उन्होने कहा कि इस देश में महिला रक्षामंत्री है। एक महिला प्रधानमंत्री के सामने 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। उन्होने कह कि बालिकाओं को प्रतिभा पहचानने की जरूरत है।
उन्होने कहा कि जवाहर लाल नेहरू के नाम पर महमूदाबाद को पालीटेक्निक मिला वहीं फिरोज गांधी के नाम पर रायबरेली में पालीटेक्निक बना है।